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अखिलेश ने गोरखपुर उपचुनाव में इसलिए खेला ‘निषाद कार्ड’

लोकसभा उप चुनाव में अखिलेश यादव के 'निषाद कार्ड' खेलने की सबसे बड़ी वजह गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में निषाद वोटरों की बहुलता है. जानकारी के अनुसार मंडल में सर्वाधिक निषाद मतदाता गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में ही हैं.

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अखिलेश यादव , पूर्व मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बड़ा मोर्चा खोलने की तैयारी में लगी समाजवादी पार्टी ने गोरखपुर उपचुनाव में बीजेपी से मुकाबले के लिए ‘निषाद कार्ड’ खेला है.

गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए सपा ने अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है. लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के प्रत्याशी के रूप में प्रवीण कुमार निषाद के नाम पर मुहर लगा दी है.

लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस से ‘झटका’ मिलने के बाद समाजवादी पार्टी ने नया ‘गठबंधन’ किया है. समाजवादी पार्टी ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार निषाद के पुत्र प्रवीण निषाद को गोरखपुर लोक सभा उप चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाया है.

आपको यहाँ बता दें कि  विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने पीस पार्टी और अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा था.

गोरखपुर से कांग्रेस द्वारा सुरहिता करीम की उम्मीदवार के रूप में घोषणा के बाद राजनीतिक गणितज्ञों को यह लग रहा था कि भाजपा की राह आसान हो गयी है पर अखिलेश यादव नें अब ‘निषाद कार्ड’ खेलकर भाजपा के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है.

लोकसभा उप चुनाव में अखिलेश यादव के ‘निषाद कार्ड’ खेलने की सबसे बड़ी वजह गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र में निषाद वोटरों की बहुलता है. जानकारी के अनुसार मंडल में सर्वाधिक निषाद मतदाता गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में ही हैं. गोरखपुर संसदीय क्षेत्र में निषादों की संख्या तीन से साढ़े तीन लाख के आस पास बताई जाती है. अखिलेश यादव को लगता है कि अगर निषादों और सपा का परंपरागत वोट बैंक मिल जाए तो भाजपा को हराया जा सकता है.

पीस पार्टी ने भी डॉक्टर संजय निषाद के बेटे प्रवीण निषाद को अपना समर्थन दिया है. अखिलेश यादव ने पीस पार्टी और निषाद पार्टी का समर्थन मिलने पर धन्यवाद दिया है.

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